निर्देशक आदित्य धर की ‘धुरंधर: द रिवेंज’ (Dhurandhar: The Revenge) सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। 2025 की ब्लॉकबस्टर ‘धुरंधर’ के बाद, इस सीक्वल को लेकर दर्शकों में जबरदस्त हाइप था। क्या हमजा की वापसी उतनी ही धमाकेदार है? आइए जानते हैं इस विस्तृत Dhurandhar 2 Movie Review में।
Dhurandhar: The Revenge Movie Review in Hindi
कहानी: बदले और जज्बे का नया अध्याय
फिल्म की शुरुआत वहीं से होती है जहाँ पहला भाग खत्म हुआ था—कराची के लयारी (Lyari) इलाके में रहमान डकैत (अक्षय खन्ना) की मौत के बाद मची उथल-पुथल से। लेकिन कहानी का असली दिल जसकीरत सिंह रांगी (रणवीर सिंह) का फ्लैशबैक है। फिल्म दिखाती है कि कैसे एक सीधा-सादा फौजी बनने की तैयारी करने वाला पंजाब का मुंडा ‘हमजा’ बनने की राह पर निकलता है।
इस बार हमजा का मिशन सिर्फ सर्वाइवल नहीं, बल्कि भारत के खिलाफ रची जा रही सबसे बड़ी साजिश को नाकाम करना और 26/11 के मास्टरमाइंड्स तक पहुँचना है।
अभिनय: रणवीर सिंह का ‘कैरियर बेस्ट’ परफॉरमेंस
- रणवीर सिंह (हमजा/जसकीरत): रणवीर ने इस फिल्म में जान फूंक दी है। इमोशनल दृश्यों में उनकी खामोशी और एक्शन में उनका गुस्सा—दोनों ही कमाल के हैं।
- संजय दत्त व अर्जुन रामपाल: संजय दत्त का ‘चौधरी असलम’ वाला किरदार स्क्रीन पर भारी पड़ता है, वहीं अर्जुन रामपाल ने अपनी विलेन वाली भूमिका को बखूबी निभाया है।
- आर. माधवन: अजय सान्याल (अजीत डोभाल से प्रेरित) के रूप में माधवन की डायलॉग डिलीवरी फिल्म को एक अलग लेवल पर ले जाती है।
- राकेश बेदी: वह इस फिल्म के ‘छुपे रुस्तम’ हैं। उनकी एक्टिंग में जो गहराई इस बार दिखी है, वह हैरान कर देने वाली है।
फिल्म की खूबियां और कमियां (Quick Highlights)
| खूबियां (Pros) | कमियां (Cons) |
| रणवीर सिंह का अभिनय: अब तक का सबसे परिपक्व प्रदर्शन। | लंबाई (Runtime): 3 घंटे 45 मिनट की फिल्म थोड़ी लंबी लगती है। |
| सिनेमैटोग्राफी: लयारी और बॉर्डर के दृश्य बेहद रियलिस्टिक हैं। | संगीत: पहले भाग के मुकाबले गाने उतने यादगार नहीं हैं। |
| क्लाइमेक्स: फिल्म का अंत रोंगटे खड़े कर देने वाला है। | हिंसा: कुछ दृश्यों में हिंसा काफी ज्यादा (Gory) है। |
निर्देशन और तकनीकी पक्ष
आदित्य धर ने साबित कर दिया है कि वह ‘उरी’ (Uri) के बाद स्पाई-थ्रिलर जॉनर के मास्टर बन चुके हैं। फिल्म 6 चैप्टर्स में बंटी है, जो इसे एक वेब-सीरीज जैसा थ्रिल देती है। बैकग्राउंड स्कोर ‘फायर’ है और हर एक्शन सीन को बहुत ही बारीक रिसर्च के साथ शूट किया गया है।
निष्कर्ष: देखें या नहीं?
‘धुरंधर: द रिवेंज’ केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक अनुभव है। अगर आपको रॉ, इंटेंस और देशभक्ति से लबरेज सिनेमा पसंद है, तो इसे मिस न करें। यह ‘नया भारत’ की वह कहानी है जो ‘घर में घुसकर मारने’ के जज्बे को बड़े पर्दे पर जीवंत करती है।
रेटिंग: ★★★★☆ (4/5)
